GRABHDHARAK YOG (गर्भधारक योग )

रससिन्दूर, जायफल, जावित्री, लौंग, कर्पूर, केशर, रूद्रवन्ती।

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घटक द्वव्य

रससिन्दूर, जायफल, जावित्री, लौंग, कर्पूर, केशर, रूद्रवन्ती।

भावना द्रव्य

शतावरी क्वाथ।

उपयोग

मासिक धर्म आने के बाद चौथे दिन से दिन में 3 बार इस योग का सेवन दूध से करावें । इस तरह 3 ऋतु पर्यन्त करने से गर्भ धारण की सम्भावना बनती है।

मात्रा

125 मि.ग्रा. से 250 मि. ग्रा. दिन में 2-3 बार ।

अनुपान

दूध।

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