UPDANSHAHAR VATI (उपदंशहर वती )

यह वटी नये उपदंश रोग ,गालकुष्ट पर उपयोगी है। 

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घटक द्वव्य

सत्यानाशी के मूल की छाल। छोटी इलायची के दाने ,सफ़ेद कत्था  । 

 भावना द्वव्य 

सत्यानाशी  का रस ।

उपयोग

यह वटी नये उपदंश रोग ,गलकुष्ट पर उपयोगी है। 

मात्रा २००   मि. ग्रा. से 400   मि. ग्रा. दिन में ३ बार  । 
अनुपान  जल    । 

 

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