SARIVADI VATI (सारिवादि वटी)

सारिवा, मुलैठी, कुठ, दालचीनी, तेजपात, एला|नागकेसर, प्रियंगु, कमल पुष्प, अमृता, लवंग, हरीतकी। विभीतकी, आमलक, अभ्रक भस्म, लौह भस्म |

Diamond

Qty ::



घटक द्वव्य

सारिवा, मुलैठी, कुठ, दालचीनी, तेजपात, एला|नागकेसर, प्रियंगु, कमल पुष्प, अमृता, लवंग, हरीतकी। विभीतकी, आमलक, अभ्रक भस्म, लौह भस्म |

भावना द्रव्य 

भृगराज स्वरस, श्रेत अर्जुनत्वक क्वाथ, मकोय स्वरस, गुंजामूल क्वाथ, यव क्वाथ |

उपयोग 

कर्णस्त्राव, कर्णशूल, कर्णनाद, बधिरता, प्रमेह, हृदय रोग आदि को दूर करती है।

मात्रा

250 मि.ग्रा. से 500 मि. ग्रा. दिन में 2 बार ।

अनुपान

धारोष्ण दूध, चन्दन का अर्क या शतावरी क्वाथ।

News