GARBHPAL RASA (गर्भपाल रस)

गर्भ का पोषण करता है तथा गर्भस्त्राव व गर्भपात को रोकता है। गर्भिणी के अतिसार, ज्वर, वमन, श्वास, भ्रम,कास, मंदाग्नि आदि उपद्रवों को दूर करके गर्भ को निरोग वबलवान बनाता है।

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घटक द्वव्य

शुद्ध शिंगरफ, नाग भस्म (00 पुटी), वंग भस्म,दालचीनी, तेजपत्र, एला, शुण्ठी, मरिच, पीपल, धनियाँ,काला जीरा, चव्य, मुनक्का, देवदारु, लौह भस्म ।

भावना द्रव्य

श्वेत अपराजिता स्वरस |

उपयोग

गर्भ का पोषण करता है तथा गर्भस्त्राव व गर्भपात को रोकता है। गर्भिणी के अतिसार, ज्वर, वमन, श्वास, भ्रम,कास, मंदाग्नि आदि उपद्रवों को दूर करके गर्भ को निरोग वबलवान बनाता है।

मात्रा

125 मि.ग्रा. से 250 मि. ग्रा. दिन में 2 बार।

अनुपान

मुनक्का के जल में

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