RAKTASHODHAKARISTHA (रक्तशोधकारिष्ट)

अनन्तमूल, मुनक्का, उशब्बा, कांचनार ही छाल, खैर छाल, चोब चीनी, छोटी कटेली, इन्द्रायण की जड़, सिरस की छाल, मंजिष्ठा, चिरायता, पित्तपापड़ा, गिलोय, मुण्डी, सरफोंका, उन्नाब, शतावरी, बबूल की छाल, जवासे की जड़, देवदारू, नीम व बकायन की अन्तर छाल का जल क्वाथ, गुड़, शहद, धाय के फूल, रक्त चंदन का चूर्ण, पीपल, दालचीनी, तेजपत्र, इलायची, नागकेशर |

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घटक द्वव्य

 अनन्तमूल, मुनक्का, उशब्बा, कांचनार ही छाल, खैर छाल, चोब चीनी, छोटी कटेली, इन्द्रायण की जड़, सिरस की छाल, मंजिष्ठा, चिरायता, पित्तपापड़ा, गिलोय, मुण्डी, सरफोंका, उन्नाब, शतावरी, बबूल की छाल, जवासे की जड़, देवदारू, नीम व बकायन की अन्तर छाल का जल क्वाथ, गुड़, शहद, धाय के फूल, रक्त चंदन का चूर्ण, पीपल, दालचीनी, तेजपत्र, इलायची, नागकेशर |

उपयोग

रक्त में लीन कीटाणुओं और विष को जलाकर रक्त को शुद्ध बनाता है। उपदंश के उपद्रव लाल-काले धब्बे, सन्धिवात, रक्त विकार, कुष्ठ, वातरक्त, फोड़े-फुन्सी आदि को दूर करता है।

मात्रा

10 मि.ली. से 20 मि.ली. दिन में 2 बार।

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