TRIVIKRAM RASA (त्रिविक्रम रस)

मूत्रपिण्ड व मूत्राशय में स्थित अश्मरी, शर्करा, वृक्कशूल का नाश करता है

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घटक द्वव्य

शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, ताम्र भस्म ।

भावना द्रव्य

निर्गुण्डी त्वक क्वाथ, अजादुग्ध |

उपयोग

मूत्रपिण्ड व मूत्राशय में स्थित अश्मरी, शर्करा, वृक्कशूल का नाश करता है।

मात्रा

125 मि.ग्रा. से 375 मि, ग्रा, दिन में 2 बार।

अनुपान

शहद के साथ ऊपर से बिजोरा मूल को जल में घिसकर पिलावे

 

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