VAIKRANT YOG (वैक्रान्त योग )

वैक्रान्त योग स्त्रियों के प्रजनन संस्थान एवं सम्पूर्ण देह के लिए पौष्टिक रसायन,शीत वीर्य,वातपित्त शामक है। इस योग के सेवन से गर्भशय व् बिजाशय के रोग और निर्बलता दूर  हो जाती है। जीर्ण प्रदर में उत्तम औषधि है। 

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घटक द्वव्य

वैक्रान्त भस्म,पुखराज पिष्टी ,माणिक्य पिष्टी,अकीक पिष्टी ,कर्पूर,जावित्री ,पन्ना पिष्टी,प्रवाल पिष्टी,रोप्य भस्म ,अभ्रक भस्म ५० पुटी ,लौह भस्म ,जहरमोहरा कहते पिष्टी,जद्वार ,केशर,अम्बर। 

उपयोग

वैक्रान्त योग स्त्रियों के प्रजनन संस्थान एवं सम्पूर्ण देह के लिए पौष्टिक रसायन,शीत वीर्य,वातपित्त शामक है। इस योग के सेवन से गर्भशय व् बिजाशय के रोग और निर्बलता दूर  हो जाती है। जीर्ण प्रदर में उत्तम औषधि है। 

मात्रा 100 मिली ग्रा.  (1-1 गोली) दिन में २ बार।
अनुपान शहद 

 

 

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