MRIGANK RASA(मृगांग रस )

इसके सेवन से स्वास ,कास क्षय ,वातातिसार ,मंदाग्नि ,संग्रहणी, आदि रोग नष्ट होते है।   

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घटक द्वव्य

शुद्ध पारद ,शुद्ध गंधक ,भुना सुहागा,स्वर्ण भस्म ,मुक्ता पिष्टी,वंग भस्म  । 

 भावना द्वव्य 

निम्बू रस,यावकंजी। 

उपयोग

इसके सेवन से स्वास ,कास क्षय ,वातातिसार ,मंदाग्नि ,संग्रहणी, आदि रोग नष्ट होते है।   

मात्रा 65  से 125  मिलीग्राम तक   । 
अनुपान शहद और पीपल चूर्ण   । 

 

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